Stand Up India Scheme: महिलाओं-एससी/एसटी को सरकार देगी 10 लाख तक का लोन!

By Dhruv Patel
On: December 29, 2025 2:38 PM
Follow Us:
Stand up india scheme

Join WhatsApp

Join Now
---Advertisement---

नमस्ते दोस्तों! आज मैं आपके लिए एक बहुत ही खास और उपयोगी विषय पर लिख रहा हूं। आपने कभी सोचा है कि अगर कोई महिला या एससी/एसटी समुदाय का व्यक्ति अपना खुद का बिजनेस शुरू करना चाहे, तो सरकार उनकी मदद कैसे कर सकती है? जी हां, मैं बात कर रहा हूं Stand Up India Scheme की। मुझे व्यक्तिगत रूप से यह योजना बहुत पसंद है क्योंकि यह उन लोगों को सशक्त बनाती है जो समाज में थोड़ा पीछे रह जाते हैं। कल्पना कीजिए, एक महिला जो घर से छोटा सा उद्योग शुरू करना चाहती है, या कोई एससी/एसटी भाई जो अपनी मेहनत से बड़ा कारोबार खड़ा करना चाहता है – इस योजना से उन्हें 10 लाख से लेकर 1 करोड़ तक का लोन मिल सकता है! मुझे लगता है कि यह योजना सपनों को हकीकत में बदलने का एक शानदार तरीका है। चलिए, आज हम इस योजना के बारे में विस्तार से बात करते हैं। मैं कोशिश करूंगा कि सब कुछ आसान शब्दों में समझाऊं, जैसे कि मैं अपने किसी दोस्त से बात कर रहा हूं।

Stand Up India Scheme क्या है?

दोस्तों, Stand Up India Scheme भारत सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल है जो 2016 में शुरू हुई थी। इसका मुख्य उद्देश्य है कि एससी (अनुसूचित जाति), एसटी (अनुसूचित जनजाति) और महिलाओं को अपना नया बिजनेस शुरू करने के लिए वित्तीय मदद प्रदान करना। सरकार चाहती है कि हर बैंक ब्रांच में कम से कम एक एससी/एसटी व्यक्ति और एक महिला को लोन दिया जाए। यह योजना विशेष रूप से ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट्स के लिए है, मतलब ऐसे नए उद्यम जो पहले से नहीं चल रहे हों। ये उद्यम मैन्युफैक्चरिंग, सर्विसेज, एग्री-अलाइड एक्टिविटीज या ट्रेडिंग से जुड़े हो सकते हैं।

मुझे याद है जब मैंने पहली बार इस योजना के बारे में सुना था, तो सोचा कि वाह, कितना अच्छा विचार है! क्योंकि हमारे देश में कई लोग हैं जो प्रतिभाशाली हैं लेकिन पैसे की कमी से अपना सपना पूरा नहीं कर पाते। इस योजना से लोन की रकम 10 लाख रुपये से शुरू होकर 1 करोड़ रुपये तक हो सकती है। हां, यूजर ने 10 लाख तक कहा था, लेकिन आधिकारिक रूप से यह 1 करोड़ तक है – शायद छोटे लेवल पर फोकस करने के लिए। यह लोन कंपोजिट होता है, मतलब टर्म लोन और वर्किंग कैपिटल दोनों शामिल। सरकार का लक्ष्य है कि इससे लाखों लोग आत्मनिर्भर बनें। योजना का संचालन सभी शेड्यूल्ड कमर्शियल बैंक करते हैं, और यह स्टैंडअप मित्रा पोर्टल के जरिए मैनेज होती है। अगर आप गांव में रहते हैं या छोटे शहर में, तो भी आपके नजदीकी बैंक में यह सुविधा उपलब्ध है। मुझे फील होता है कि यह योजना समाज की असमानता को कम करने में बड़ी भूमिका निभा रही है।

अब सोचिए, अगर कोई महिला घर से ही सिलाई का काम शुरू करना चाहती है या कोई एससी भाई छोटी फैक्ट्री लगाना चाहता है, तो यह योजना उनके लिए जैसे वरदान है। सरकार ने इसे इसलिए बनाया क्योंकि एससी/एसटी और महिलाओं को बिजनेस में कम अवसर मिलते हैं। योजना के तहत अब तक हजारों लोन दिए जा चुके हैं, और कई सफल कहानियां हैं। जैसे कि एक महिला ने इस लोन से ब्यूटी पार्लर खोला और आज वह कई लोगों को रोजगार दे रही है। ऐसी स्टोरीज सुनकर दिल खुश हो जाता है!

Stand Up India Scheme में कौन पात्र है?

अब आते हैं सबसे महत्वपूर्ण भाग पर – कौन इस योजना का फायदा उठा सकता है? दोस्तों, पात्रता के नियम बहुत सरल हैं, लेकिन उन्हें ठीक से समझना जरूरी है। सबसे पहले, आवेदक एससी/एसटी समुदाय से होना चाहिए या फिर महिला होनी चाहिए। उम्र कम से कम 18 साल होनी चाहिए। अगर आप इंडिविजुअल हैं, तो बस यही काफी है, लेकिन अगर कंपनी या पार्टनरशिप है, तो कम से कम 51% शेयर एससी/एसटी या महिला के पास होने चाहिए।

एक और जरूरी बात – यह योजना केवल नए उद्यमों के लिए है, मतलब ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट। अगर आपका पहले से कोई बिजनेस चल रहा है, तो आप पात्र नहीं होंगे। साथ ही, आवेदक किसी बैंक या फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशन का डिफॉल्टर नहीं होना चाहिए। ट्रेडिंग एक्टिविटीज भी अब शामिल हैं, जो पहले नहीं थीं। मुझे लगता है कि सरकार ने इसे और ज्यादा समावेशी बनाने के लिए अपडेट किया है। अगर आप एग्रीकल्चर से जुड़े काम जैसे डेयरी फार्मिंग या फूड प्रोसेसिंग करना चाहते हैं, तो भी यह लागू होता है।

कल्पना कीजिए, एक युवा महिला जो ग्रेजुएट है और अपना ऑनलाइन स्टोर शुरू करना चाहती है – वह आसानी से पात्र हो सकती है। या कोई एसटी समुदाय का व्यक्ति जो हस्तशिल्प का बिजनेस करना चाहता है। लेकिन याद रखें, लोन केवल मैन्युफैक्चरिंग, सर्विसेज या ट्रेडिंग के लिए है, न कि किसी पुराने बिजनेस को बढ़ाने के लिए। अगर आप इन क्राइटेरिया में फिट होते हैं, तो आगे बढ़िए! मुझे फील होता है कि यह योजना उन लोगों के लिए है जो मेहनत करने को तैयार हैं लेकिन शुरुआती पूंजी की कमी महसूस करते हैं।

Stand Up India Scheme के लिए कैसे आवेदन करें?

दोस्तों, अब बात करते हैं आवेदन प्रक्रिया की। मुझे पता है कि सरकारी योजनाओं में आवेदन करना कभी-कभी मुश्किल लगता है, लेकिन Stand Up India Scheme में यह बहुत आसान है। सबसे पहले, आपको आधिकारिक वेबसाइट standupmitra.in पर जाना है। वहां पर रजिस्ट्रेशन करिए – अपना नाम, ईमेल, मोबाइल नंबर और अन्य डिटेल्स भरिए। रजिस्ट्रेशन के बाद, आपको लॉगिन करना होगा और एप्लीकेशन फॉर्म भरना होगा।

फॉर्म में आपको अपना बिजनेस प्लान अपलोड करना पड़ता है। बिजनेस प्लान क्या है? बस एक साधारण डॉक्यूमेंट जिसमें आप बताते हैं कि आप क्या बिजनेस शुरू करने वाले हैं, कितना खर्च आएगा, और कैसे चलाएंगे। अगर आपको प्लान बनाने में मदद चाहिए, तो वेबसाइट पर ही गाइडलाइंस हैं। उसके बाद, आप अपना नजदीकी बैंक चुनिए जहां से लोन लेना चाहते हैं। बैंक आपकी एप्लीकेशन चेक करेगा और अगर सब ठीक रहा, तो लोन अप्रूव हो जाएगा।

स्टेप बाय स्टेप देखें:

  1. स्टैंडअप मित्रा पोर्टल पर रजिस्टर करें।
  2. लॉगिन करके एप्लीकेशन फॉर्म भरें।
  3. जरूरी डॉक्यूमेंट्स अपलोड करें, जैसे आईडी प्रूफ, कास्ट सर्टिफिकेट (एससी/एसटी के लिए), बिजनेस प्लान।
  4. बैंक ब्रांच चुनें और सबमिट करें।
  5. बैंक से संपर्क करें और प्रोसेस फॉलो करें।

लोन मिलने में कितना समय लगता है? आमतौर पर कुछ हफ्ते, लेकिन अगर डॉक्यूमेंट्स कम्पलीट हैं तो जल्दी हो जाता है। मुझे लगता है कि यह प्रक्रिया इतनी सरल है कि कोई भी इसे ट्राई कर सकता है। अगर आपको कोई दिक्कत आए, तो पोर्टल पर हेल्पलाइन नंबर हैं – कॉल करके पूछ लीजिए। मैंने खुद कुछ दोस्तों को सलाह दी है, और वे सफल हुए हैं। फीलिंग आती है कि सरकार ने इसे यूजर-फ्रेंडली बनाया है ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग फायदा उठा सकें।

Stand Up India Scheme के क्या फायदे हैं?

अब आते हैं फायदों पर। दोस्तों, इस योजना के फायदे इतने हैं कि गिनते नहीं बनते! सबसे बड़ा फायदा तो यह है कि आपको 10 लाख से 1 करोड़ तक का लोन मिलता है, और वह भी बिना ज्यादा कोलेटरल के। लोन पर इंटरेस्ट रेट बहुत कम है – बैंक का बेस रेट प्लस 3% से ज्यादा नहीं। साथ ही, रीपेमेंट पीरियड 7 साल तक का है, और शुरुआती 18 महीने तक मोरेटोरियम मिल सकता है, मतलब तब तक EMI नहीं भरनी।

अगर आपका प्रोजेक्ट कॉस्ट 85% तक कवर होता है, और बाकी 15% मार्जिन मनी आप खुद लगाते हैं। लेकिन अगर कोई अन्य सरकारी स्कीम से सब्सिडी मिल रही है, तो मार्जिन कम हो सकता है। लोन क्रेडिट गारंटी फंड से कवर होता है, तो बैंक को रिस्क कम लगता है। इससे महिलाओं और एससी/एसटी को बिजनेस में बराबरी का मौका मिलता है। आर्थिक रूप से मजबूत होने से परिवार और समाज दोनों मजबूत होते हैं।

मुझे एक फीलिंग आती है कि यह योजना न केवल पैसे देती है बल्कि आत्मविश्वास भी बढ़ाती है। जैसे कि एक एसटी महिला ने इस लोन से छोटी दुकान खोली और आज वह गांव की रोल मॉडल है। फायदों में रोजगार सृजन, आर्थिक विकास और सामाजिक न्याय शामिल हैं। अगर आप इसका फायदा उठाते हैं, तो आपका बिजनेस सफल हो सकता है और आप दूसरों को भी इंस्पायर कर सकते हैं।

निष्कर्ष

दोस्तों, Stand Up India Scheme एक ऐसी योजना है जो सपनों को उड़ान देती है। अगर आप एससी/एसटी या महिला हैं और नया बिजनेस शुरू करने का प्लान है, तो जरूर आवेदन कीजिए। यह न केवल लोन देती है बल्कि एक नई शुरुआत का अवसर भी। मुझे उम्मीद है कि इस पोस्ट से आपको पूरी जानकारी मिल गई होगी। अगर कोई सवाल हो, तो कमेंट में पूछिए। चलिए, आत्मनिर्भर भारत बनाएं!

Dhruv Patel

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम ध्रुव पटेल है ! मे apshaldwani.com वेबसाइट का लेखक हु ! मैं 2019 से योजनाओ के अपडेट और उनकी जानकारी साझा कर रहा हु ! इस वेबसाइट का उद्देश्य आपको नई योजनाओ से अवगत करवाना है, ताकि आप उन योजनाओ का लाभ ले सके ! इस वेबसाइट पर हम योजनाओ का सम्पूर्ण ज्ञान साझा करते है जिसे आप समझ कर आवेदन करके उसका लाभ प्राप्त कर सकते है !

Leave a Comment