नमस्ते दोस्तों, जब मैं छोटा था तो हमारे गांव जाने के लिए बस कीचड़ भरी पगडंडी ही थी। बारिश में तो पैर फिसलते थे और सामान लेकर चलना नामुमकिन सा हो जाता था। आज जब मैं अपने गांव जाता हूं तो चौड़ी, पक्की सड़क देखकर मन खुश हो जाता है। जी हां, ये सब Pradhan Mantri Gram Sadak Yojana (PMGSY) का कमाल है। इस योजना ने 25 साल पूरे कर लिए हैं और आज पूरे देश में 7.87 लाख किलोमीटर से ज्यादा पक्की सड़कें बन चुकी हैं। मुझे बहुत गर्व महसूस होता है कि हमारे देश ने इतना बड़ा काम कर दिखाया। आज मैं आपके साथ इसी योजना की पूरी बातें साझा करना चाहता हूं – बहुत साधारण शब्दों में, दिल से दिल तक।
PMGSY योजना क्या है?
PMGSY यानी प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना। ये एक केंद्र सरकार की महत्वपूर्ण योजना है जो खास तौर पर गांवों को पक्की सड़कों से जोड़ने के लिए शुरू की गई थी। इसका मुख्य उद्देश्य ये है कि हर उस गांव तक पक्की सड़क पहुंचे जहां पहले सिर्फ कच्चा रास्ता या कोई रास्ता ही नहीं था।
सरल शब्दों में कहूं तो – पहले कई गांव ऐसे थे जो मुख्य सड़क से कटे हुए थे। वहां के लोग बाजार जाना, अस्पताल पहुंचना, स्कूल भेजना – सब मुश्किल था। PMGSY ने ठाना कि हर योग्य गांव को ऑल-वेदर रोड (हर मौसम में चलने लायक सड़क) मिलेगी। ये योजना 25 दिसंबर 2000 को शुरू हुई थी और आज 2025 में इसके 25 साल पूरे हो गए हैं।
योजना का इतिहास और 25 साल की यात्रा
साल 2000 में तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जी ने इस योजना की शुरुआत की। उस समय देश में लाखों गांव मुख्य धारा से कटे हुए थे। योजना शुरू होते ही काम तेजी से चला। पहले चरण में 500 या उससे ज्यादा आबादी वाले गांवों को जोड़ा गया। फिर दूसरे और तीसरे चरण में छोटे गांव, पहाड़ी इलाके, आदिवासी क्षेत्र भी शामिल किए गए।
आज 25 साल बाद जब मैं आंकड़े देखता हूं तो दिल भर आता है। पूरे देश में 7.87 लाख किलोमीटर पक्की सड़कें बन चुकी हैं। लगभग 1.85 लाख से ज्यादा गांवों को सड़क सुविधा मिल चुकी है। कई राज्यों में तो 99% तक गांव जुड़ चुके हैं। मुझे याद है कि मेरे अपने राज्य में भी कई गांव ऐसे थे जहां एंबुलेंस तक नहीं पहुंच पाती थी। आज वहां पक्की सड़क है और जिंदगियां बच रही हैं। ये सिर्फ सड़कें नहीं, गांव वालों के सपने हैं जो पूरे हो रहे हैं।
कौन से गांव पात्र हैं?
PMGSY के नियम बहुत स्पष्ट हैं। योजना में वो गांव शामिल किए जाते हैं:
- मैदानी इलाकों में 500 या उससे ज्यादा आबादी वाले गांव
- पहाड़ी, आदिवासी और पिछड़े इलाकों में 250 या उससे ज्यादा आबादी वाले गांव
- वो गांव जो पहले से किसी पक्की सड़क से नहीं जुड़े हों
अब नियमों में और छूट भी दी गई है। छोटे गांव, सीमावर्ती क्षेत्र, नक्सल प्रभावित इलाके – सबको प्राथमिकता मिलती है। राज्य सरकारें सर्वे करके लिस्ट बनाती हैं और केंद्र सरकार मंजूरी देती है। आम नागरिक के तौर पर आपको खुद तय नहीं करना पड़ता कि आपका गांव पात्र है या नहीं – ये राज्य और जिला स्तर पर तय होता है।
आवेदन कैसे करें?
दोस्तों, ये योजना व्यक्तिगत आवेदन की नहीं है। यानी आप घर बैठे ऑनलाइन फॉर्म भरकर सड़क नहीं मंगा सकते। पूरी प्रक्रिया इस तरह चलती है:
- गांव के लोग या सरपंच अपनी जरूरत ग्राम सभा में रखते हैं।
- जिला स्तर पर प्रस्ताव तैयार होता है।
- राज्य सरकार उसे केंद्र के पास भेजती है।
- केंद्र सरकार मंजूरी देती है और पैसा जारी करती है।
अगर आपको लगता है कि आपके गांव को सड़क की जरूरत है तो सबसे अच्छा तरीका है कि आप अपने सरपंच, ब्लॉक अधिकारी या जिला कलेक्टर से बात करें। वे आगे की कार्रवाई करेंगे। ऑफिशियल वेबसाइट pmgsy.nic.in पर जाकर आप अपने राज्य और जिले की प्रोग्रेस भी देख सकते हैं। वहां हर सड़क का स्टेटस दिखता है – कितनी बनी, कितनी चल रही है।
PMGSY के फायदे – गांवों की जिंदगी कैसे बदली
सड़क सिर्फ दो जगहों को जोड़ती नहीं, पूरी जिंदगी बदल देती है। मैंने खुद देखा है और महसूस किया है:
- पहले गांव की महिलाएं पानी या अनाज लेकर कीचड़ में फिसलती थीं। अब वे आसानी से बाजार जाती हैं और अपनी चीजें बेच पाती हैं।
- बच्चे स्कूल नियमित जा रहे हैं। पहले बारिश में छुट्टी हो जाती थी।
- बीमार व्यक्ति को अस्पताल पहुंचाने में घंटों नहीं लगते। एंबुलेंस सीधे गांव तक आती है।
- किसान अपनी फसल आसानी से बाजार पहुंचा पाते हैं। बिचौलिए कम कमाते हैं, किसान ज्यादा।
- छोटे-छोटे व्यापार बढ़ रहे हैं। दुकानें खुल रही हैं, नौजवान रोजगार पा रहे हैं।
एक आंकड़ा बताता हूं – जिन गांवों में पक्की सड़क पहुंची वहां गरीबी 10-15% तक कम हुई है। बच्चों का स्कूल जाना बढ़ा है, महिलाओं की सेहत बेहतर हुई है। मुझे बहुत खुशी होती है जब मैं सोचता हूं कि लाखों परिवारों की जिंदगी आसान हुई है।
निष्कर्ष
Pradhan Mantri Gram Sadak Yojana ने 25 साल में जो कर दिखाया है वो किसी चमत्कार से कम नहीं। 7.87 लाख किलोमीटर सड़कें और लाखों जुड़े हुए गांव – ये हमारे देश के विकास की मजबूत नींव हैं। ये योजना बताती है कि जब सरकार और जनता का इरादा एक हो तो कुछ भी संभव है। उम्मीद है कि आने वाले सालों में बचे हुए हर गांव तक पक्की सड़क पहुंचेगी और हमारा भारत और मजबूत बनेगा।
मुझे बहुत गर्व है कि मैं ऐसे देश का हिस्सा हूं जहां गांवों की इतनी चिंता की जाती है। आपका क्या ख्याल है? अपने गांव की सड़क की कहानी कमेंट में जरूर बताइएगा।





